Kundli – फ्री ऑनलाइन जन्म कुंडली

जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान डालिए और कुछ ही पलों में अपनी सटीक जन्म कुंडली देखिए - लग्न, चंद्र राशि, जन्म नक्षत्र, नौ ग्रहों की स्थिति और विंशोत्तरी दशा। पूरी तरह फ्री, बिना साइन-अप।

जन्म विवरण भरें

नीचे का हर आँकड़ा स्विस एफेमेरिस से निकलता है (निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश) - वही मानक जिस पर पेशेवर ज्योतिषी काम करते हैं। इस पेज पर कुछ भी अंदाज़े से नहीं बनता।

जन्म विवरण
जन्म तिथि

जिस तारीख़ को आप पैदा हुए। जन्म प्रमाणपत्र हो तो उसी की तारीख़ लीजिए।

जन्म समय

जितना मिनट तक पक्का बता सकें उतना अच्छा। लग्न क़रीब हर दो घंटे में बदल जाता है, इसलिए सबसे ज़्यादा यही ख़ाना तय करता है।

जन्म स्थान

शहर या क़स्बा, अस्पताल नहीं। आपका शहर सूची में न हो तो सबसे नज़दीकी शहर चुनिए।

आपका शहर सूची में नहीं है? सबसे नज़दीकी शहर चुनें। शहर का नाम अंग्रेज़ी अक्षरों में टाइप करें।

मुफ़्त · कोई साइन-अप नहीं · आपका विवरण केवल यह परिणाम निकालने के लिए इस्तेमाल होता है।

जन्म कुंडली क्या होती है?

जन्म कुंडली - जिसे जन्मपत्री या जन्म पत्रिका भी कहते हैं - आपके जन्म के ठीक उस क्षण और उस स्थान पर आकाश का नक्शा है। वैदिक ज्योतिष आकाश को बारह राशियों और बारह भावों में बाँटता है और दर्ज करता है कि उस समय सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु कहाँ थे। नामकरण, पढ़ाई, करियर और विवाह जैसे जीवन के बड़े पड़ावों पर कुंडली देखने की परंपरा इसी नक्शे पर टिकी है।

कुंडली में तीन चीज़ें सबसे ज़्यादा काम आती हैं। लग्न वह राशि है जो जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी; वही पहला भाव बनती है और पूरी कुंडली का ढाँचा तय करती है। राशि यानी चंद्र राशि - जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था; राशिफल इसी से पढ़ा जाता है। जन्म नक्षत्र वह नक्षत्र है जिसमें चंद्रमा था, और विंशोत्तरी दशा की शुरुआत उसी से तय होती है।

ऑनलाइन कुंडली कैसे बनाएँ

इस कुंडली मेकर में बस तीन जानकारियाँ चाहिए: जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान। नाम वैकल्पिक है और केवल परिणाम पर दिखाने के लिए है। शहर का नाम टाइप करते ही सूची खुल जाती है; अपना शहर चुनिए और "कुंडली बनाएँ" दबाइए। कुछ ही सेकंड में कुंडली का चार्ट, ग्रहों की तालिका और पूरी दशा तालिका आपके सामने होगी।

ऑनलाइन कुंडली फ्री है और इसके लिए न खाता बनाना पड़ता है, न मोबाइल नंबर देना पड़ता है। आप चाहें तो परिवार के हर सदस्य की कुंडली एक-एक करके बना सकते हैं।

यह कुंडली कितनी सटीक है?

कुंडली की सारी कीमत उसकी सटीकता में है। इसलिए इस पेज का हर अंक स्विस एफेमेरिस से आता है - वही उच्च-सटीकता वाली खगोलीय लाइब्रेरी जिसे पेशेवर ज्योतिष सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करते हैं। फ्री कुंडली में कोई भी मान अनुमान से या AI से नहीं बनाया जाता।

  • निरयन राशिचक्र और लाहिरी (चित्रापक्ष) अयनांश - वही मानक जो भारतीय पंचांगों में चलता है।
  • संपूर्ण-राशि भाव पद्धति: लग्न की राशि पहला भाव, अगली राशि दूसरा भाव, और इसी तरह आगे।
  • मध्यम राहु-केतु, जो हमेशा वक्री रहते हैं।
  • जन्म स्थान के ऐतिहासिक टाइम ज़ोन के अनुसार स्थानीय समय का सही रूपांतरण।
  • 120 वर्ष की विंशोत्तरी दशा, जो जन्म नक्षत्र में चंद्र की सटीक स्थिति से शुरू होती है।

उत्तर भारतीय कुंडली कैसे पढ़ें

उत्तर भारत में प्रचलित हीरे (डायमंड) के आकार वाली कुंडली में भाव अपनी जगह स्थिर रहते हैं। ऊपर बीच का चौखाना हमेशा पहला भाव यानी लग्न होता है, और वहाँ से घड़ी की उलटी दिशा में दूसरा, तीसरा... बारहवाँ भाव आते हैं। हर भाव में लिखा अंक राशि का क्रमांक है - 1 यानी मेष, 2 वृषभ, 3 मिथुन, 4 कर्क, 5 सिंह, 6 कन्या, 7 तुला, 8 वृश्चिक, 9 धनु, 10 मकर, 11 कुंभ और 12 मीन। पहले भाव में 5 लिखा हो तो आपका लग्न सिंह है।

ग्रह छोटे संकेतों से दिखाए गए हैं: सू (सूर्य), चं (चंद्र), मं (मंगल), बु (बुध), गु (गुरु), शु (शुक्र), श (शनि), रा (राहु), के (केतु) और ल (लग्न)। ग्रह के पास छोटा R हो तो वह जन्म के समय वक्री था। चार्ट के नीचे की तालिका में हर ग्रह के सटीक अंश, नक्षत्र और चरण दिए हैं, जिससे आप अपनी पुरानी कुंडली से मिलान कर सकते हैं।

जन्म समय और जन्म स्थान क्यों ज़रूरी हैं

लग्न लगभग हर दो घंटे में राशि बदलता है और हर चार मिनट में क़रीब एक अंश आगे बढ़ता है, इसलिए जन्म समय की छोटी-सी चूक भी पूरी कुंडली के भाव बदल सकती है। जहाँ तक हो सके जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड वाला समय डालिए। चंद्रमा धीरे चलता है - दिन में लगभग 13 अंश - इसलिए समय थोड़ा अंदाज़न हो तब भी राशि और नक्षत्र प्रायः सही आते हैं।

सूर्योदय और उदय होती राशि अक्षांश-देशांतर के साथ बदलती है, इसलिए जन्म स्थान भी मायने रखता है। आपका कस्बा सूची में न हो तो सबसे नज़दीकी शहर चुनिए - 50 से 100 किलोमीटर की दूरी से लग्न में एक अंश से भी कम फ़र्क पड़ता है।

विंशोत्तरी दशा और आगे के कदम

विंशोत्तरी दशा जीवन के 120 वर्षों को नौ ग्रहों की महादशाओं में बाँटती है। हर महादशा 6 से 20 वर्ष की होती है और उसके भीतर नौ अंतर्दशाएँ चलती हैं। आप किस महादशा में जन्मे, यह जन्म नक्षत्र से तय होता है, और जन्म के समय उसमें से कितना भाग शेष था, यह इस पर कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था। इस पेज की तालिका हर महादशा की आरंभ और समाप्ति तिथि दिखाती है और चालू दशा को अलग से उभारती है।

इस तालिका की हर तारीख स्विस एफेमेरिस की गणना से आती है, किसी व्याख्या से नहीं।

कुंडली बन जाने के बाद आप विवाह के लिए कुंडली मिलान कर सकते हैं, मंगल दोष या शनि की साढ़ेसाती जाँच सकते हैं, या अपनी कुंडली के बारे में AI ज्योतिषी से सवाल पूछ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह ऑनलाइन कुंडली सचमुच फ्री है?

हाँ। कुंडली का चार्ट, लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रह स्थिति और पूरी महादशा तालिका मुफ़्त है और इसके लिए साइन-अप नहीं करना पड़ता। केवल लिखी हुई PDF रिपोर्ट सशुल्क है - छोटी रिपोर्ट ₹49 में और विस्तृत पुस्तक ₹249 में।

कुंडली बनाने के लिए क्या-क्या जानकारी चाहिए?

जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान। नाम वैकल्पिक है और केवल आपके परिणाम पर दिखाया जाता है।

अगर मुझे अपना सही जन्म समय न पता हो तो?

जितना अच्छा अंदाज़ा हो वही समय डालिए, और नतीजा इस समझ के साथ पढ़िए कि अंदाज़े की क़ीमत क्या है। चंद्रमा धीरे चलता है, इसलिए राशि प्रायः बची रहती है और नक्षत्र भी ज़्यादातर। लग्न नहीं बचता: डेढ़ घंटे के दायरे में वह चार में से क़रीब तीन कुंडलियों में बदल जाता है, और उसके साथ भावों की स्थिति तथा मंगल दोष का नतीजा भी; दशा की तारीख़ें आधी से कुछ कम कुंडलियों में साल भर से ज़्यादा खिसक जाती हैं। सिर्फ़ दिन पता हो तो दोपहर 12:00 आम चलन है - पर लिखा हुआ समय मिलने तक चंद्र राशि के अलावा सब कुछ अस्थायी ही मानिए।

यह कुंडली कितनी सटीक है? कौन-सा अयनांश इस्तेमाल होता है?

सभी ग्रह स्थितियाँ स्विस एफेमेरिस से, निरयन राशिचक्र और लाहिरी (चित्रापक्ष) अयनांश के साथ निकाली जाती हैं; भाव संपूर्ण-राशि पद्धति से हैं और राहु-केतु मध्यम हैं। परिणाम उतना ही सटीक होगा जितना आपका डाला हुआ जन्म समय और स्थान।

लग्न और राशि में क्या अंतर है?

लग्न वह राशि है जो जन्म के क्षण पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी; वह कुंडली का पहला भाव बनाती है और शरीर व बाहरी जीवन को दर्शाती है। राशि वह है जिसमें चंद्रमा था; वह मन और भावनाओं को दर्शाती है। दोनों अलग-अलग हो सकती हैं और दोनों का अपना महत्व है।

मेरा शहर सूची में नहीं है, क्या करूँ?

सबसे नज़दीकी बड़ा शहर चुन लीजिए। 50-100 किलोमीटर के अंतर से लग्न में एक अंश से भी कम फ़र्क पड़ता है, इसलिए कुंडली व्यवहार में वही रहती है - जब तक लग्न राशि के बिल्कुल किनारे पर न हो।

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