Singh Rashi – सिंह राशिफल

सिंह राशि (सिंह) में चंद्रमा वालों के लिए राशिफल। राशि स्वामी: सूर्य, इकलौता ग्रह जो कभी वक्री नहीं होता - इससे सिंह के फलादेश की रीढ़ बाक़ियों से ज़्यादा सीधी रहती है।

सिंह राशि के लिए साढ़ेसाती और ढैया की स्थिति

सिंह राशि पर अभी साढ़ेसाती नहीं है। शनि आपकी राशि से भाव 8 में है।

शनि की ढैया चल रही है: शनि आपकी राशि से भाव 8 में (29 मार्च 2025 से 3 जून 2027).

अपने जन्म विवरण से साढ़ेसाती की सटीक जाँच करें

ज्योतिष आस्था पर आधारित एक पारंपरिक विद्या है। इस साइट की हर जानकारी केवल मार्गदर्शन और आत्मचिंतन के लिए है और पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है - स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक निर्णयों के लिए कृपया योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

स्थिर अग्नि राशि, और उतना ही स्थिर स्वामी

सिंह अग्नि तत्व की स्थिर राशि है। अग्नि से ज़ोर आता है, स्थिर स्वभाव से टस से मस न होना, और इसी जोड़ से सिंह का फलादेश नएपन से ज़्यादा जगह और रुतबे की बात करता है।

सिंह का स्वामी सूर्य है और वही एकमात्र ग्रह है जिसकी कोई वक्री गति होती ही नहीं। वह हर दिन क़रीब एक अंश चलता है, बिना रुके। आपका राशि स्वामी पूरी कुंडली की सबसे अनुमान लायक़ चीज़ है।

सिंह में कोई ग्रह उच्च का नहीं होता, और यही बात अहम है

कई राशियों में कोई न कोई ग्रह उच्च का होता है। सिंह में कोई नहीं। शनि, जो ज़्यादातर शास्त्रीय क्रमों में सूर्य के सामने खड़ा है, यहाँ सबसे कम सहज रहता है।

सच कहें तो यह उतनी बड़ी बात नहीं जितनी लगती है। इसका मतलब है कि सिंह का फलादेश सूर्य की अपनी हालत से चलता है - आपकी कुंडली में सूर्य किस भाव में है, कहीं अस्त तो नहीं - न कि इस बात से कि किस ग्रह का गोचर चल रहा है।

मघा, और सिंह के नक्षत्र

सिंह में मघा, पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी का पहला चरण आता है। मघा राशि को खोलती है और उसका स्वामी केतु है, इसलिए विंशोत्तरी दशा सात साल की केतु महादशा से शुरू होती है।

मघा के पहले अंश गंडांत हैं, जल राशि और अग्नि राशि की संधि, और शास्त्र वहाँ के जन्म को आम से ज़्यादा ध्यान से लेते हैं। जन्म समय में चार मिनट का अंतर चंद्रमा को चरण की सीमा पार करा सकता है - ठीक वही ग़लती जो हाथ की गणना में घुसती है और एफेमेरिस में नहीं।

शनि, साढ़ेसाती और सूर्य की राशि

सिंह के लिए साढ़ेसाती का मतलब है शनि का कर्क, सिंह या कन्या में होना। ढैया का मतलब है शनि का वृश्चिक या वृषभ में होना, यानी सिंह से चौथे और आठवें भाव में।

शनि सिंह से छठे और सातवें भाव का मालिक है। शास्त्रीय रूप से इसका अर्थ हानि नहीं, प्रतिस्पर्धा और साझेदारी है, और सिंह की साढ़ेसाती की आम सलाह दुर्भाग्य की नहीं, अधिकार बाँटने की होती है।

सूर्य की महादशा सिंह को क्या देती है

सूर्य की महादशा छोटी है, छह साल, नौ में सबसे छोटी। सिंह के लिए यह आमतौर पर दिखने का दौर होता है: पहचान, ज़िम्मेदारी, और वह जगह जहाँ फ़ैसला आप पर रुकता है।

छोटे दौर को कम आँक लेना आसान है। अच्छे सूर्य के छह साल करियर जमा सकते हैं, और कमज़ोर सूर्य के छह साल अधिकार से लंबी खींचतान बन सकते हैं। मुफ़्त जन्म कुंडली आपका दौर सही तारीख़ों के साथ बताती है, उसके भीतर की अंतर्दशाओं समेत।

सिंह राशिफल यहाँ कैसे तैयार होता है

इन पेजों के पीछे का हर आँकड़ा स्विस एफेमेरिस से निकलता है - वही खगोलीय लाइब्रेरी जिस पर पेशेवर ज्योतिष सॉफ़्टवेयर चलते हैं - निरयन राशिचक्र और लाहिरी अयनांश के साथ, जो भारतीय पंचांगों का मानक है। सूर्य की स्थिति सेकंड के अंश तक, मघा की गंडांत सीमा और सिंह से गिनी गई शनि की दशाएँ - सब गणना से, किसी सूची से नहीं।

लिखित फलादेश दूसरा क़दम है। AI उसी निकली हुई ग्रह स्थिति को सरल हिन्दी में समझाता है, और वह सिर्फ़ वही पढ़ता है जो स्विस एफेमेरिस ने गिना है: किसी ग्रह को ख़ुद बैठाने, गोचर की तारीख़ तय करने या दशा निकालने की उसे इजाज़त नहीं है। यानी तारीख़ें गणित हैं, और उनके आसपास की भाषा भर व्याख्या है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आज का सिंह राशिफल किस आधार पर बनता है?

उस दिन नौ ग्रहों की स्थिति, जो स्विस एफेमेरिस से निकाली जाती है और सिंह राशि से भाव के रूप में गिनी जाती है, साथ में चंद्रमा का नक्षत्र और तिथि। लिखा हुआ हिस्सा उन्हीं गणना किए तथ्यों को सरल भाषा में समझाता है।

सिंह में कोई ग्रह उच्च का क्यों नहीं होता?

शास्त्रीय क्रम ही ऐसा बैठता है: उच्च की बारह राशियों में सिंह नहीं आती। व्यवहार में इसका मतलब यह है कि सिंह का फलादेश किसी मेहमान ग्रह से नहीं, आपकी कुंडली में सूर्य की अपनी स्थिति और बल से चलता है।

सिंह राशि पर साढ़ेसाती कब शुरू होती है?

जब शनि कर्क में आता है, और कन्या छोड़ने पर ख़त्म होती है। इस साइट का कैल्कुलेटर चरणों की तारीख़ें शनि की असली चाल से निकालता है, उन वक्री वापसियों समेत जो सीमाओं को महीनों खिसका देती हैं।

क्या सिंह और कुंभ का मेल बैठता है?

ये आमने-सामने की राशियाँ हैं और इनके स्वामी सूर्य तथा शनि हैं, जिसे शास्त्र मज़बूत पर माँग करने वाला मेल बताते हैं। गुण मिलान राशि नहीं नक्षत्र देखता है, तो असली अंक के लिए दोनों जन्म विवरण मिलान टूल में डालिए।

सिंह की शुरुआत में कौन सा नक्षत्र है?

मघा, जिसका स्वामी केतु है। इसके पहले अंश गंडांत हैं, कर्क और सिंह के बीच की नाज़ुक संधि, इसलिए राशि के बिलकुल शुरू में हुए जन्म को सही बैठाने के लिए सही जन्म समय चाहिए।

क्या सूर्य कभी वक्री होकर सिंह का फलादेश बदलता है?

नहीं। सूर्य कभी वक्री नहीं होता। इससे राशि स्वामी की चाल पूरी तरह नियमित रहती है, और यही एक वजह है कि सिंह का फलादेश महीने भर अपना आकार बुध की राशियों से बेहतर बनाए रखता है।